हमारे संबंध में

नीपको, भारत के पूर्वोत्तर और इसके अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में 1976 से एक विश्वसनीय बिजली उत्पादन कंपनी है जो विद्युत मंत्रालय और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ मिलकर इस क्षेत्र और देश की विशाल विद्युत शक्यता के दोहन के साथ-साथ उनके सर्वोत्तम हित के लिए कार्य करता है।

हम गौरान्वित है कि:

  • भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सबसे बड़ें जल-विद्युत संयंत्र का संचालन करते हैं।
  • जल एवं ताप विद्युत स्टेशनों का संचालन करने वाला एकमात्र सीपीएसयू है।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र के अत्यधिक कठिन और भू-तकनीकी रूप से संवेदनशील इलाकों में जल-विद्युत परियोजनाओं के निर्माण और संचालन का व्यापक अनुभव है।

भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पावर स्टेशनों की योजना, अन्वेषण, डिजाइन, निर्माण, उत्पादन, संचालन और रखरखाव के लिए 1976 में गठित नीपको को शिड्यूल ए मिनी रत्न श्रेणी - I सीपीएसई के सम्मान से सम्मानित किया गया है और अधिष्ठापित क्षमता 1757 मेगावाट के साथ 07 जल, 03 ताप और 01 सौर ऊर्जा स्टेशनों को संचालित करता है। नीपको के पास विकास के तहत 600 मेगावाट कामेंग जल-विद्युत परियोजना नामक एक विद्युत परियोजना है जिसे वित्तीय वर्ष 2019-20 के भीतर चालू करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

मेघालय की राजधानी शिलांग में कॉरपोरेट कार्यालय स्थित होने के साथ नीपको के पास निर्माण और संचालन संबंधित गतिविधियों का विशेष अनुभव है तथा हमारा मानव संसाधन पर्यावरण पर न्यूनतम प्रतिकुल प्रभाव डाले पारंपरिक स्रोतों से देश के विशाल विद्युत शक्यता का दोहन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विजन

पर्यावरण के प्रति सजग रहते हुए देश की एक सशक्त प्रमुख एकीकृत इलेक्ट्रिक पावर कंपनी बनाना ।

ध्येय

विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के योजनवद्ध विकास के माध्यम से पर्यावरण पर न्यूनतम पर्टिकुल प्रभाव डाले पारंपरिक और गैर पारंपरिक स्रोतों से देश के विशाल विद्युत शक्यता का दोहन, विद्युत परियोजनाओं के अन्वेषण, योजना, अभिकल्प, निर्माण, प्रचालन एवं रखरखाव के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत दृष्टिकोण से विद्युत उत्पादन परियोजनाओं का विकास करना, जिससे सम्पूर्ण राष्ट्र का विकास हो सके।

उद्देश्य

अपने ध्येय की पूर्ति हेतु नीपको ने वर्ष 2015-2016 के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए लक्ष्यों, कार्यक्रमों एवं नीतियों के अनुरूप निम्नलिखित उद्देश्य निर्धारित किए हैं :

  • जल/ताप/नवीकरणीय परियोजनाओं का विकास ।
  • प्रतिष्ठापित क्षमता की इष्टतम उपयोगिता सुनिश्चित करने हेतु अधिकतम उत्पादन, इष्टतम यांत्रिक उपलब्धता एवं उच्च प्लांट भार कारक को प्राप्त करना ।
  • लाभार्थियों से वकाया राशि की वसूली का पूरा प्रयास करना, ताकि विविध ऋण में कमी लाई जा सके ।
  • विद्युत उत्पादन के लिए बेहतर तकनीकों को अपनाना ।
  • आईएसओ प्रमाणन 25.06.2020 के अनुरूप गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (आईएसओ 9001, आईएसओ 14001 एवं आईएसओ 45001) को उन्नत करना ।
  • भूवैज्ञानिक अप्रत्याशित घटनाओं को कम करने पर ज़ोर देते हुए नई योजनाओं हेतु डीपीआर तैयार करना ।