संगठन और कार्य - संगठन, कार्यों और कर्तव्यों की विशिष्टियाँ [धारा 4(1)(b)(i)]

द्वारा admin, 1 अगस्त, 2025

नीपको, भारत के पूर्वोत्तर और इसके अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में 1976 से एक विश्वसनीय बिजली उत्पादन कंपनी है जो विद्युत मंत्रालय और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ मिलकर इस क्षेत्र और देश की विशाल विद्युत शक्यता के दोहन के साथ-साथ उनके सर्वोत्तम हित के लिए कार्य करता है।

हमें अपने आप पर गर्व है ​कि :
  • भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में जल एवं ताप विद्युत स्टेशनों का संचालन करने वाला एकमात्र सीपीएसयू है।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र के अत्यधिक कठिन और भू-तकनीकी रूप से संवेदनशील इलाकों में जल-विद्युत परियोजनाओं के निर्माण और संचालन का व्यापक अनुभव है।

विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तहत भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में विद्युत स्टेशनों की योजना, अन्वेषण, डिजाइन, निर्माण, उत्पादन, संचालन व रखरखाव के लिए 1976 में गठित नीपको को एक स्ड्यूल्ड “ए” – मिनी रत्न श्रेणी – I सीपीएसयू का दर्जा प्राप्त है एवं कुल अधिष्ठापित क्षमता 2051 मेगावाट के साथ यह 06 जल, 03 ताप तथा 01 सौर ऊर्जा स्टेशनों का परिचालन करता है। नीपको के पास 600 मेगावाट ( 4X 150 मेगावाट) की एक कामेंग जल-विद्युत परियोजना निमार्णाधीन है, यूनिट-। (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 17.06.2020 के 00:00 बजे तथा यूनिट-।। (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 01.07.2020 के 00:00 बजे से घोषित किया गया , यूनिट-।II (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 22.01.2021 के 00:00 बजे से घोषित किया गया और यूनिट- IV (150 मेगावाट) का वाणीज्यिक संचालन 12.02.2021 के 00:00 बजे से घोषित किया गया I

मेघालय की राजधानी शिलांग में कॉरपोरेट कार्यालय स्थित होने के साथ नीपको के पास निर्माण और संचालन संबंधित गतिविधियों का विशेष अनुभव है तथा हमारा मानव संसाधन पर्यावरण पर न्यूनतम प्रतिकुल प्रभाव डाले पारंपरिक स्रोतों से देश के विशाल विद्युत शक्यता का दोहन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

दूरदर्शिता

सशक्त पर्यावरण जागरूकता के साथ देश की एक अग्रणी एकीकृत विद्युत ऊर्जा कंपनी बनना।

उद्देश्य

पारंपारिक तथा गैर- पारंपारिक ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से देश की विशाल विद्युत शक्यता का दोहन के साथ पर्यावरण को न्यूनतम रूप में प्रभावित करते हुए विद्युत परियोजनाओं के सभी पहलुओं जैसे अन्वेषण, योजना, डिज़ाइन, निर्माण, संचालन तथा परियोजनाओं के रखरखाव के कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से करते हुए समग्र राष्ट्र के विकास को आगे बढ़ाना।

संगठित उद्देश्य

पूर्वोत्तर क्षेत्र में सतत विकास हेतु विशाल जल एवं ताप ऊर्जा शक्यता का जिम्मेदारी पूर्वक दोहन।
  • उदारीकरण तथा वैश्वीकरण पर्यावरण में प्रतिस्पर्धात्मक होना।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना ताकि लोगों के जीवन की गुणवत्ता, संपन्नता को बढ़ाया जा सके।
  • अवसंरचना, चिकित्सा, शिक्षा आदि की सुविधा उपलब्ध करना तथा लाभप्रद अवसर के वातावरण का सृजन करना।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र तथा भारत की विद्युत आवश्यकता को पूरा करना।
  • आस-पास के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाना।आस-पास के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाना।
  • मानव संसाधनों का विश्व-स्तर पर विकास करना।

नीपको का कारपोरेट कार्यालय पूर्वोत्तर की जीवंत पहाड़ियों पर तथा मनमोहक हरित क्षेत्र शिलांग में स्थित है। यह कार्यालय लाइतुम्ख्रान-मॉवखार नामक पठार जिसका नामांकन ''पिथोर'' (खासी में धान का खेत) और इसके किनारे से बहने वाली नदी ''उम्ख्रां'' शब्दों से हुआ है, के तलहटी में स्थित है।

परिसर के एक तरफ आवासीय कालोनी और दूसरी तरफ राज्य खेल परिसर है। कम क्षेत्र होने के बावजूद परिसर में समुचित रूप से निगम मुख्यालय, आवासीय भवन और पर्याप्त पार्किग की व्यवस्था के साथ साथ यह हवादार भी है।

कारपोरेट कार्यालय का मानव संसाधन विविध संप्रदायों के 580 कर्मचारियों से युक्त है, जो हमारे परिवेश में संस्कृति के अनोखे मेल को दर्शाता है। कर्मचारियों की बौद्धिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कारपोरेट कार्यालय पुस्तकालय और सूचना केंद्र से सुसज्‍जित है।

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