हमारे संबंध में

नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (नीपको) को भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में योजना, अन्वेषण, अभिकल्प, निर्माण, उत्पादन, प्रचालन एवं विद्युत केन्द्रों के रखरखाव के लिए 1976 में निगमित किया गया था । इसे विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित किया गया एवं भारत सरकार द्वारा शेड्यूल ‘ए’ मिनी रत्न -I सीपीएसई का दर्जा दिया गया है ।

व्यापार प्रोफ़ाइल

नीपको 1251 मे. वा. की संयुक्त स्थापित क्षमता के साथ 5 जल विद्युत, 3 ताप विद्युत एवं 1 सौर विद्युत केन्द्रों को परिचालित करता है । नीपको की 5 विद्युत परियोजनाएं विकासाधीन हैं जिनमें 110 मे. वा., पारे जल विद्युत परियोजना, 600 मे.वा., कामेंग जल विद्युत परियोजना, 36 मे. वा., स्टीम टरवाइन, त्रिपुरा त्रिपुरा गैस आधारित परियोजना, 60 मे. वा., तुरियल जल विद्युत परियोजना एवं 2 मे. वा., सौर परियोजना सामील हैं।

विजन

पर्यावरण के प्रति सजग रहते हुए देश की एक सशक्त प्रमुख एकीकृत इलेक्ट्रिक पावर कंपनी बनाना ।

ध्येय

विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के योजनवद्ध विकास के माध्यम से पर्यावरण पर न्यूनतम पर्टिकुल प्रभाव डाले पारंपरिक और गैर पारंपरिक स्रोतों से देश के विशाल विद्युत शक्यता का दोहन, विद्युत परियोजनाओं के अन्वेषण, योजना, अभिकल्प, निर्माण, प्रचालन एवं रखरखाव के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत दृष्टिकोण से विद्युत उत्पादन परियोजनाओं का विकास करना, जिससे सम्पूर्ण राष्ट्र का विकास हो सके।

उद्देश्य

अपने ध्येय की पूर्ति हेतु नीपको ने वर्ष 2015-2016 के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए लक्ष्यों, कार्यक्रमों एवं नीतियों के अनुरूप निम्नलिखित उद्देश्य निर्धारित किए हैं :

  • जल/ताप/नवीकरणीय परियोजनाओं का विकास ।
  • प्रतिष्ठापित क्षमता की इष्टतम उपयोगिता सुनिश्चित करने हेतु अधिकतम उत्पादन, इष्टतम यांत्रिक उपलब्धता एवं उच्च प्लांट भार कारक को प्राप्त करना ।
  • लाभार्थियों से वकाया राशि की वसूली का पूरा प्रयास करना, ताकि विविध ऋण में कमी लाई जा सके ।
  • विद्युत उत्पादन के लिए बेहतर तकनीकों को अपनाना ।
  • आईएसओ प्रमाणन 30.09.2018 के अनुरूप गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (आईएसओ 9001, ओएचएसएएस 18001 एवं आईएसओ 14001) को उन्नत करना ।
  • भूवैज्ञानिक अप्रत्याशित घटनाओं को कम करने पर ज़ोर देते हुए नई योजनाओं हेतु डीपीआर तैयार करना ।